✍️पांढरकवडा : अशफाक खान
पवित्र रमजान माह के अवसर पर पांढरकवडा के मौलाना आज़ाद वार्ड में रहने वाली मात्र 7 वर्ष की अनाबिया सलमान शेख ने अपना पहला रोज़ा पूरा कर सभी का ध्यान आकर्षित किया है। छोटी सी उम्र में दिखाई गई उसकी आस्था, अनुशासन और संयम की भावना ने पूरे क्षेत्र में सराहना प्राप्त की है।
अनाबिया ने पूरे दिन रोज़े के नियमों का पालन करते हुए धैर्य और समर्पण के साथ रोज़ा रखा। उसके इस प्रयास से परिवार और आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है। परिजनों ने भी उसके पहले रोज़े को विशेष रूप से मनाकर उसका उत्साह बढ़ाया।
धार्मिक जानकारों का मानना है कि बचपन में दिए गए संस्कार जीवनभर सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। अनाबिया की यह प्रेरणादायक पहल अन्य बच्चों के लिए भी एक उदाहरण बन रही है।
रमजान का रोज़ा केवल भोजन और पानी से परहेज़ नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सहनशीलता और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का माध्यम है। अनाबिया ने अपने पहले ही प्रयास में रोज़ा पूरा कर इन मूल्यों की सुंदर झलक प्रस्तुत की है।








